आलापुर उचित दर विक्रेताओं में आक्रोश बैठक हो रही है।

Feb 18, 2026 - 15:10
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आलापुर उचित दर विक्रेताओं में आक्रोश बैठक हो रही है।

*पूर्ति निरीक्षक रामनगर सर्वेश कुमार शर्मा की भ्रष्टाचार में संलिप्तता तथा मनमानी कार्य प्रणाली के विरोध में आवाज बुलंद कर रहे रामनगर विकासखंड के सभी उचित दर विक्रेताओं की आज रामनगर में होगी बैठक, बैठक में बनेगी आंदोलन की रणनीति*

*रामनगर विकास खंड में तैनात पूर्ति निरीक्षक सर्वेश कुमार शर्मा की मनमानी कार्य प्रणाली से उचित दर विक्रेताओं में काफी आक्रोश व्याप्त है*

*रामनगर विकासखंड में पूर्ति निरीक्षक के मनमानी कार्य प्रणाली के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली पटरी पर आने का नहीं ले रही नाम पूर्ति निरीक्षक द्वारा किया जा रहा है उचित दर विक्रेताओं का मनमाना आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा परेशान*

*पूर्ति निरीक्षक सर्वेश कुमार शर्मा द्वारा प्रति माह रजिस्टरों के सत्यापन के नाम पर प्रति क्विंटल प्रति उचित दर विक्रेता की जाती है 30 से लेकर 35 रुपए की वसूली लगभग हर उचित दर विक्रेता को अदा करना पड़ता है यानि प्रति उचित दर विक्रेता से वसूला जाता है प्रति माह दो हजार रुपए से लेकर सात हजार रुपए जिसका जिस प्रकार आवंटन की जाती है उसी प्रकार वसूली, यह अलग बात है कि उचित दर विक्रेताओं को वितरण के लिए प्रति क्विंटल मिलता है महज 90 रुपए*

*पूर्ति निरीक्षक की मनमानी कार्य प्रणाली एवं भ्रष्टाचार में संलिप्तता का आलम यह है कि उचित दर विक्रेताओं को दिये जाने वाले 80 रुपए मूल्य के स्टॉक रजिस्टर का प्रति उचित दर विक्रेता प्रति रजिस्टर वसूला गया 1700 रुपए*

*इसके अलावा ए आर ओ के नाम पर प्रति माह प्रति उचित दर विक्रेता से की जाती है पूर्ति निरीक्षक द्वारा 500-500 रुपए की वसूली यह अलग बात है कि ए आर ओ सुनीता कभी कभार ही आती है आलापुर उनके जिम्मे टाण्डा और जलालपुर का भी है अतरिक्त प्रभार*

*पूर्ति निरीक्षक द्वारा किसी भी निलम्बित दुकान की यदि किसी अन्य उचित दर विक्रेता से की जाती है सम्बध्ता तो 20000 रुपए से लेकर 40000 रुपए तक की की जाती है वसूली*

*सूत्रों की माने तो ताजा मामला रामनगर की ही एक निलम्बित दूकान की सम्बध्ता के लिए दूसरे उचित दर विक्रेता से पूर्ति निरीक्षक द्वारा की जा रही थी 20000 रुपए की मांग जिसे देने से उचित दर विक्रेता ने कर दिया इंकार और उपजिलाधिकारी को दे दिया लिखित करार*

*इतना ही नहीं विभिन्न प्रकार के राशन कार्डों के लिए कार्यालय में मौजूद निजी कर्मियों द्वारा की जाती है 1500 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक की मांग, प्रति यूनिट नाम जोड़ने के लिए खुले आम मांगी जाती है 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की रिश्वत*

*पूर्ति निरीक्षक द्वारा टाण्डा क्षेत्र के एक गोलू नामक युवक से कराई जाती है उचित दर विक्रेताओं से वसूली पहले तो उन्हें बगैर तौले वितरण के लिए कम दिया जाता है खाद्यान्न फिर गोलू द्वारा ही काला बाजारी के लिए डाला जाता है उचित दर विक्रेताओं पर दबाव गोलू द्वारा की जाती है खाद्यान्नों की खरीददारी जिसने खाद्यान्न देने से काला बाजारी के लिए किया इंकार उसकी दुकान निलंबित कराने की भी दी जाती है गोलू नामक युवक की ओर से उचित दर विक्रेताओं को कथित धमकी*

*अब इन सबसे इतर उचित दर विक्रेताओं को दी जाती है पारदर्शी तरीके से ही वितरण करने की सलाह, सलाह/ आदेश का यदि अक्षर सह पालन करें उचित दर विक्रेता तो उन्हें रखना होगा अपनी जगह जमीन मकान सब गिरवी तभी हो पायेगा पारदर्शी तरीके से वितरण*

*उचित दर विक्रेताओं के साथ साथ क्षेत्र वासियों ने भी पूर्ति निरीक्षक सर्वेश कुमार शर्मा की मनमानी कार्य प्रणाली एवं भ्रष्टाचार में संलिप्तता की सक्षम जांच एजेन्सी से जांच करायें जाने की कर रहे मांग*

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