मिलावटी खजाला और मिठाई का खेल शुरू स्वास्थ्य पर बुरा असर
बाबा गोविन्द साहब मेला में लगी दुकान बिक रही मिठाईया खजला रसगुल्ला अन्य मिठाइयों की मिलावट पर शक उठी जांच की मांग अधिकारी मौन।
एक महीने के मेले में दुसरे से जनपद से आई दुकानों और मेले में लगी स्थाई दुकान मिलावटी मिठाई खेल का खतरा स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ सकता श्रद्धालु चिंतित, जिला प्रशासन चुप
अम्बेडकरनगर जिले की तहसील आलापुर क्षेत्र के ग्राम अहिरौली में प्राचीन गोविन्द साहब धाम में लगने वाला हर वर्ष भांति इस वर्ष भी एक महीने का पारंपरिक मेला 29 नवंबर से प्रारम्भ हो रहा है। सूत्रों के अनुसार मेले की शुरुआत से पहले ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। अम्बेडकरनगर आज़मगढ़ सीमा पर स्थित यह तीर्थस्थल गोविन्द दशमी पर विशेष रूप से आस्था का केंद्र माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा गोविन्द साहब की समाधि पर खिचड़ी, चादर और गन्ना चढ़ाने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, इसी विश्वास के चलते हजारों की संख्या में भक्त दूर-दराज से पहुंच रहे हैं।मेले में सजी मिठाइयों और दुकानों की रौनक। मेले में इस वर्ष भी विभिन्न जिलों से आए दुकानदारों ने अपने स्टॉल सजा दिए हैं, मेले में लगी मिठाईयों की दुकान में सजी मिठाई खोवा, पनीर, रसमालाई,पेडा़,खजला, रसगुल्ला, बरफी, सहित अन्य मिठाईयों में मिलावट आशंका जताई जा रही है। जिनमें प्रमुख रूप से दुकान पन्नालाल सुभाष खजला वाले कानपुर,रमेशचंद्र खजला भंडार, अलीगढ़,राजपूत खजला भंडार, अलीगढ़,द्विवेदी खजला भंडार खुरजा,शर्मा खजला भंडार,तिवारी खजला भंडार,पाठक खजला भंडार, बाराबंकी,बाबा खजला भंडार, रामसजीवन खजला भंडार बाराबंकी जनपद। मेले में इसके अतिरिक्त स्थाई दुकान मिठाई सभी मिठाईयों दुकान लगी है रसगुल्ला, नमकीन, चाट-फुल्की, खिलौने, लकड़ी के सामान, घरेलू वस्तुएँ और झूले की कई दुकानें क्षेत्र में रौनक बढ़ा रही हैं।मिठाइयों में मिलावट की आशंका, श्रद्धालु परेशान।स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी मेले में बेची जा रही मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेष रूप से खजला, रसगुल्ला और अन्य घी-तेल आधारित मिठाइयों में मिलावट की आशंका जताई जा रही है।कई लोगों ने बताया कि कुछ दुकानदार बिना किसी गुणवत्ता जांच के भारी मात्रा में मिठाई बेच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ सकता है।जांच की मांग, प्रशासन की चुप्पी।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, एसडीएम आलापुर और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग से मांग की है कि मेले में बिक रही मिठाइयों की सैंपलिंग कर जांच कराई जाए, ताकि मिलावट या फूड सेफ्टी मानकों के उल्लंघन की स्थिति स्पष्ट हो सके।श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में रोज़ाना हजारों लोग पहुंचते हैं, ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।अधिकारियों की निष्क्रियता पर नाराज़गी।गांव वालों ने बताया कि अब तक किसी भी अधिकारी ने मिठाइयों की जांच के लिए मौके पर पहुंचने की ज़हमत नहीं उठाई। इससे नाराज़गी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि जब यहां रोज़ भारी संख्या में श्रद्धालु मिठाइयाँ खरीदते हैं तो खाद्य विभाग को मौके पर सक्रिय होना चाहिए।श्रद्धालुओं ने कार्रवाई की मांग की।मेले में पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से तुरंत जांच टीम भेजने एवं मिलावट पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि मेले की पवित्रता और लोगों की सेहत सुरक्षित रह सके।
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