गोविंद साहब मेला में अव्यवस्थाओं का लगा अंबर
*कहीं महात्मा गोविन्द साहब मेले की महत्ता एवं गरिमा को कमतर करने एवं अस्तित्व को ही समाप्त करने की ही नहीं रची जा रही साजिश.....?*
*चुनौतियों को स्वीकार कर व्यवस्था देने के बजाय यहां तो अपनी जिम्मेदारियों से ही कतराने की फिराक में ही लगा हुआ है पुलिस प्रशासन*
*पूर्वांचल के ऐतिहासिक ख्यातिलब्ध महात्मा गोविन्द साहब मेले में इस बार मनोरंजन के संसाधनों थियेटर वैरायटी शो इत्यादि के संचालन की इस बार अनुमति नहीं दिए जाने से सत्ताधारी दल भाजपा समेत सभी सियासी दलों दुकानदारों एवं श्रद्धालुओं में जबरदस्त आक्रोश*
*पूर्वांचल के ऐतिहासिक महात्मा गोविन्द साहब मेले में मेले की शुरुआत के समय से ही सदियों से मनोरंजन के संसाधनों के संचालन की रही है परम्परा*
*बीते कई दशकों से महात्मा गोविन्द साहब मेले में पूर्व में आधा दर्जन से अधिक थियेटर दर्जन भर से अधिक वैरायटी शो झूला सर्कस आदि मनोरंजन के संसाधनों का होता रहा है संचालन*
*सरकारें बदलती रहीं शासन बदलता रहा अधिकारी बदलते रहे लेकिन किसी भी वर्ष नहीं बदली महात्मा गोविन्द साहब मेले की परम्परा*
*लेकिन इस बार मौजूदा पुलिस एवं प्रशासनिक अमले की अपनी जिम्मेदारियों से कतराने की प्रवृत्ति वाली कार्य प्रणाली ने आम जनमानस को कर दिया है उद्वेलित*
*अश्लीलता परोसने का तर्कहीन हवाला देकर सुरक्षा कारणों से इस बार महात्मा गोविन्द साहब मेले में थियेटर एवं वैरायटी शो के संचालन की नहीं दी जा रही अनुमति जिसके कारण लोगों में जबरदस्त नाराजगी होना है स्वभाविक*
*मौजूदा पुलिस एवं प्रशासनिक अमले को शायद महात्मा गोविन्द साहब मेले के इतिहास से ही है अनभिज्ञता नहीं तो मनोरंजन के संसाधनों के संचालन पर रोक लगाए जाने जैसा नहीं लिया जाता निर्णय*
*महात्मा गोविन्द साहब मेले में गोविन्द दशमी एवं पूर्णिमा स्नान पर्व के मौके पर ही रहता है पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के श्रद्धालुओं का आवागमन*
*माह भर तक चलने वाले मेले में मनोरंजन के संसाधनों के जरिए ही बढ़ी रहती है रोजाना हजारों स्थानीय एवं अन्तर्जनपदीय श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की भीड़ जो दिन में वैरायटी शो एवं झूले आदि मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाने के साथ - साथ रात्रि में थियेटर देखकर थियेटर में ही कर लेते हैं रात्रि विश्राम*
*इन्हीं दर्शनार्थियों श्रद्धालुओं के सहारे ही खजला फर्नीचर होजरी कपड़ा रेस्टोरेंट कृषि यन्त्र खिलौना एवं अन्य सभी सामानों की बिक्री करने वाले दुकानदारों एवं स्थानीय किसानों के मीठे गन्नों की हो जाती है बिक्री, बागवानी के साथ - साथ मवेशियों की भी होती है खरीदारी*
*जब मेले में नहीं रहेंगे मनोरंजन के संसाधन तो कैसे होगा मेले में आए दुकानदारों का जीविकोपार्जन*
*मेले की रंगत ही हो जाएगी काफी फीकी जिससे धीरे - धीरे समाप्ति की ओर अग्रसर हो जाएगा महात्मा गोविन्द साहब मेले का ही अस्तित्व*
*मेले में मनोरंजन के संसाधनों के संचालन की अनुमति नहीं देने के पुलिस प्रशासन के अदूरदर्शी निर्णय की चौतरफा हो रही आलोचना, लोग अनुमति दिए जाने की कर रहे मांग*
*महात्मा गोविन्द साहब मेला समिति के अध्यक्ष भौमेन्द्र सिंह पप्पू वरिष्ठ भाजपा नेत्री एडवोकेट डॉ० प्रेमलता भारती जिला महामंत्री अमरेन्द्र कान्त सिंह सुरेश कन्नौजिया जिला उपाध्यक्ष सुमन पाण्डेय पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिनेश पाण्डेय दशरथ यादव नि. मण्डल अध्यक्ष भाजपा रामनगर / संयोजक शिक्षक MLC चुनाव गोरखपुर - फैजाबाद (अयोध्या) अभिषेक निषाद मण्डल अध्यक्ष गोविन्द साहब विनय पाण्डेय पूर्व मण्डल अध्यक्ष भगवान पाण्डेय रामनगर मण्डल अध्यक्ष नीरज सोनी पूर्व मण्डल अध्यक्ष आनन्द जायसवाल दुर्गविजय पाण्डेय सत्यम उपाध्याय निखिल निषाद जिला मंत्री व्यापार मण्डल राजाबाबू गुप्ता जहांगीरगंज मण्डल अध्यक्ष अरविन्द उपाध्याय पूर्व मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप वर्मा सत्यवर्धन पाण्डेय राघव तिवारी भाजपा नेता अनूप सिंह "पिंटू" श्यामनाथ शुक्ला भाजपा नेत्री डॉ० पूनम राय रामयश भारती संजय यादव अजय पाण्डेय अंकित दूबे शैलेन्द्र दूबे के अलावा खजला व्यापारी संघ अध्यक्ष सुभाषचन्द्र रमेश कुमार समेत कई अन्य लोगों ने जताई नाराजगी*
*उपरोक्त सभी लोगों ने अविलम्ब मेले में मनोरंजन के संसाधनों के संचालन की अनुमति दिए जाने की की है मांग ताकि महात्मा गोविन्द साहब मेले का गौरव रहे बना एवं सदियों से चली आ रही परम्परा रहे बरकरार*
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