अंबेडकर नगर आबकारी विभाग की खुली पोल
*जनपद मुख्यालय में आबकारी विभाग की खुली पोल! चखना सेंटर धड़ल्ले से चल रहे, विभाग द्वारा बिक्री के निर्धारित समय से पहले और समय के बाद शराब पर मनमाना ओवररेटिंग अफ़सोस...*
अंबेडकरनगर
जनपद मुख्यालय पर शराब की दुकानों के अगल-बगल चल रहे अवैध चखना सेंटरों पर आबकारी विभाग की जुबानी रात-दिन की रेड भी फेल, नाक के नीचे चल रहे चखना सेंटर पर ताला लगवाने में विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। यही नहीं, रात्रि 10:00 बजे के बाद और सुबह 10:00 बजे के पहले ही शराब की दुकानों पर शुरू हो जाता है मनमानी ओवररेटिंग का खेल – MRP से 30-50 रुपये तक ज़्यादा वसूली, और आबकारी विभाग मौन व्रत धारण किए बैठा है।लेकिन मीडिया अब चुप नहीं बैठी। चौक-चौराहों, चाय की टपरी से लेकर व्हाट्सएप ग्रुप तक एक ही बात गूंज रही है –"जब तक लक्ष्मीनिया मिलेगी, तब तक कुछ नहीं होगा भाई!" लोग खुल्लम-खुल्ला कह रहे हैं कि बिना "लक्ष्मीनिया" (हवाला कोड में मोटी रकम) के न तो चखना सेंटर बंद होंगे, न शराब की लूट रुकेगी। एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "साहब, ऊपर तक सेटिंग है। जिस दिन लक्ष्मीनिया पहुँच गई, अगले दिन से सब साफ़-सुथरा दिखने लगेगा।"सवाल ये है आबकारी विभाग के अधिकारी इतने लाचार क्यों हैं? करोड़ों का राजस्व तो आ रहा है, पर जनता को लूट कौन रोक रहा है?सबसे बड़ा सवाल – वो "लक्ष्मीनिया" आखिर जा कहाँ रही है?क्या जल्द ही कोई बड़ा खुलासा होने वाला है?या फिर लक्ष्मीनिया की भूख कभी खत्म नहीं होने वाली?हमारी नज़र इस स्टोरी पर बनी हुई है।जारी... बहुत कुछ बाकी है!
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